30 C
Patna
October 25, 2020
उत्तर प्रदेश राज्य समाचार

मर्चेंट नेवी में तैनात बेटे ने वीडियो कॉल के जरिये माँ को दी अंतिम विदाई, कोरोना के डर से पति ने शुभचिंतकों को वापस लौटाया

husband returned all people on wife funeral

उत्तरप्रदेश। कोरोना वायरस ने भारत में भी अपने पाँव पसारना शुरू कर दिया है। कोरोना के संक्रमण से सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार ने 21 दिनों तक पुरे देश में लॉकडाउन लागू कर दिया है। इसके बाद भी नागरिक अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। और सडकों पर बिना वजह घूमने निकल जा रहे हैं। इन सब के बीच देवकीनंदन त्यागी के फैसले से सभी नागरिकों को सिख लेने की जरुरत है। रिपोर्ट के मुताबिक़ देवकी नंदन की पत्नी की मौत बिमारी से हो गयी थी। जिसके बाद उनके घर के बाहर शुभ चिंतकों की भारी भीड़ जमा हो गयी थी। सभी लोग उनकी पत्नी की अंतिम यात्रा में शामिल होने की जिद पर अड़े हुए थे। लेकिन देवकी नंदन ने सभी को हाथ जोड़कर पीएम नरेंद्र मोदी की अपील को याद दिलाते हुए आदरपूर्वक सभी को वापस लौटा (Husband returned all people on wife funeral) दिया। पत्नी की अंतिम यात्रा में उनका बेटा भी शामिल नहीं हो सका, और वीडियो कॉल के जरिये माँ को अंतिम विदाई दी।

यह भी पढ़ें : – गरीबों की आर्थिक मदद के लिए वित्त मंत्री ने 1.70 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का एलान किया

खबरों के मुताबिक़ आगरा के न्यू विजय नगर कॉलोनी में रहने वाले देवकी नंदन की पत्नी की ममता की मौत हो गयी थी। वह काफी लम्बे समय से बीमार चल रही थी। करीब 10 बजे सुबह में उनके शव को अस्पताल से घर लाया गया। मौत की खबर मिलते ही देवकी नंदन के घर के बाहर शुभचिंतकों की भीड़ जमा होने लगी। हालांकि सरकार के लॉकडाउन और भीड़ न जुटने के आदेश के चलते सभी के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो गयी। वहाँ मौजूद कोई भी फैसला लेने की स्थिति में नहीं था। वहीँ दूसरी और घर के अंदर शव के पास सभी परिजन बिलख – बिलख कर रो रहे थे।

Husband returned all people on wife funeral

यह भी पढ़ें : – मंदिर में शादी करने के बाद होटल में छात्रा के साथ सुहागरात का वीडियो बनाया, फिर दो साल तक बलात्कार किया

पत्नी के पास बैठकर रो रहे देवकी नंदन को जब बाहर खड़े शुभचिंतकों के बारे में पता चला तो वह बाहर आये। उन्होंने सभी को समझाते हुए कहा – ममता को अब किसी भी तरह से वापस नहीं लाया जा सकता। इसलिए सरकार ने जो आदेश दिए हैं उसका पालन करें, और कृपया कर सभी अपने घरों को लौट जाएँ। थोड़ी सी भी असावधानी पुरे समाज को खतरे में डाल सकती है। आपकी भावनाओं का हम सम्मान करते हैं, लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए सिर्फ 10 लोग हमारे साथ अंतिम यात्रा में शामिल हों।

यह भी पढ़ें : – 3 सगी बहनों के साथ 3 युवकों ने किया दुष्कर्म, नौकरी दिलाने के बहाने बुलाया था, दोस्त के घर में ज़बरदस्ती बलात्कार किया

देवकी नंदन के दो बेटे एक बेटी हैं। बेटा मर्चेंट नेवी में तैनात है। देश में लॉकडाउन होने की वजह से वह अपनी माँ की अंतिम यात्रा में भी शामिल नहीं हो सका। बेटे दीपक को वीडियो कॉल के जरिये माँ के अंतिम दर्शन कराया गया, जिसे देखकर वहाँ मौजूद लोगों की आँखें नाम हो गयी। देवकी की बेटी को एक बात का मलाल रह गया, की उसे वकील बनते हुए उसकी माँ नहीं देख सकी। वह रट हुए बार – बार यही कह रही थी । काश माँ मुझे वकील बनते हुए देख पाती। वहीं ऐसी स्थिति में होने के बाद भी उनके लिए गए निर्णय की वजह से समाज के सामने उन्होंने एक नजीर पेश किया है।

Loading...

संबंधित ख़बरे

Leave a Comment

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Loading...